शनिवार, 12 अगस्त 2023

Health Education हेल्दी लाइफ के लिए चीज कल्चर को छोड़ना होगा

 हेल्दी लाइफ के लिए छोड़ना होगा चीज कल्चर 


Health Education हेल्दी लाइफ के लिए चीज कल्चर को छोड़ना होगा। वास्तव में जागरुकता ही स्वस्थ जीवन का आधार है। यह संदेश शनिवार को किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ.संदीप कुमार ने दिया।



संस्कृति विभाग के Radio Jaighosh में विगत दिनों डॉ.संदीप कुमार और अजय कुमार अग्रवाल की पुस्तक “अच्छे इलाज के 51 नुस्खे” पर कार्यक्रम आयुष्मान भव में परिचर्चा हुई। इसमें बताया गया कि अनुशासित जीविका का पालन करके डायबिटीज, बीपी मोटापे जैसे रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। परिचर्चा में मेडिक्लेम बीमा कराने की विधि और आवश्यकता को भी आसान भाषा में समझाया गया है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों से सुविधा प्राप्त करने की विधि भी बतायी गई।

जिम्सी कानपुर के निदेशक डॉ.उपेन्द्र और चिकित्सा पत्रकार नलनी मिश्रा ने इस साक्षात्कार में डॉ.संदीप कुमार और अजय कुमार अग्रवाल से परिचर्चा की। परिचर्चा में बताया गया कि लोगों को मिथ्या चिकित्सा और विज्ञापनों के मिथ्या दावों से सावधान रहना चाहिए। इसके साथ ही पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान जैसे आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, योग, प्राकृतिक उपचार की उपयोगिता के बारे में बताया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि दादा-दादी के घरेलू उपचार केवल प्राथमिक रूप से मदगार हो सकते हैं। ऐसे में बेहतर रहेगा कि रोग की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक का मशविरा अवश्य लिया जाए। 



परिचर्चा में यह बताया गया कि रोगी को रोग, उपचार और व्यय भार को जानने का अधिकार है जबकि आपातकालीन चिकित्सा में गुणवत्ता, सुरक्षा, पूर्ण भुगतान और अग्रिम भुगतान की शर्तों से समझौता किये बिना उपचार कराने का अधिकार है। इसमें यह बताया गया कि वर्तमान समाज में तेजी से चीज कल्चर विकसित हो रहा है इसलिए बीमारियां बढ़ रही हैं। लोग आटा से मैदा, रोटी से पीजा, मिठाई से क्रीम केक की ओर भागे जा रहे हैं। वास्तव में आचार, व्यवहार और विचारों में परिवर्तन कर स्वस्थ जीवन का वरदान प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण का व्यापक प्रभाव महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दिख रहा है।

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