सोमवार, 20 सितंबर 2021
राजकुंद्रा बदनाम हुए तो क्या, नाम तो हो ही गया धंधा भी चमक गया
राज कुंद्रा को जमानत मिल गई है। शिल्पा शेट्टी आज दीपावली मनाएंगी क्योंकि उनके कामशास्त्र के सरताज दूसरे कोका पंडित आज जेल से कामसूत्र के आसनों पर नई कलात्मक दृष्टि लेकर बाहर आए हैं। कामसूत्र का दर्शन देने वाली इस भारत भूमि की धरा पर बहुत नाइंसाफी है कि काम शास्त्र के आसनों पर गहन शोध करने वाले प्रोफेसर को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। उनके कामसूत्र दर्शन की तमाम नायिकाएं विरहणी हो गई थीं। सोशल मीडिया पर आंसुओं में डूबे उनके उद्गार रह रहकर बाहर आ रहे थे। खुद पत्नी सहधर्मिणी के रूप में शिल्पा शेट्टी को भी पति की इस दृष्टि पर जब कोई एतराज नहीं तो हम कौन होते हैं आपत्ति जताने वाले। बेहतर तो ये होता कि शिल्पा शेट्टी को स्वयं उनके कल्पना संसार की नायिका बनना चाहिए था। लेकिन क्या कहा जाए शायद वह इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाईं। राजकुंद्रा पर पोर्नग्राफी को पिक्चराइज कर महिमामंडित किये जाने का आरोप है। तमाम जरूरतमंद रुपहले संसार की शोभा बनने की इच्छुक नायिकाओं को राजकुंद्रा की इस नयी दृष्टि ने एक नया मंच दिया। लेन देन की इस दुनिया में मुफ्त में कुछ नहीं मिलता। इस प्लेटफार्म पर अपनी सेवा देने और सेवा लेने वाला दोनों संतुष्ट हैं। कोई जबर्दस्ती नहीं। कोई व्यभिचार नहीं। देखने वाला पैसा खर्च कर इसका आनंद ले रहा था। और राजकुंद्रा पैसा बना रहे थे। खैर जो भी हो नाम तो हो ही गया। शौकीन लोग ढंढ ढूंढ कर देख रहे हैं।
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